Collector Kaise Bane | कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर कैसे बने पूरी जानकारी

नमस्कार दोस्तों यदि आप कलेक्टर बनना चाहते हो और आपके मन में सवाल है कि जिला कलेक्टर कैसे बने (Collector or Deputy Collector Kaise Bane), कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर बनने के लिए कौन से परीक्षा (exam) देने होते हैं?, कलेक्टर बनने के लिए कौन सी पढ़ाई करनी चाहिए?, Collector और Deputy Collector की Salary कितनी होती है?, तो इस लेख में हम आपको पूरी जानकारी देने वाले हैं।

यदि आप अपनी जिंदगी में कुछ नया करना चाहते हैं? अपने माता और पिता का नाम रोशन करना चाहते हैं लेकिन यह सिर्फ आपकी मेहनत से हो सकता है। पढ़ाई और मेहनत के दम पर आप कुछ कर सकते हैं। यदि आप स्टूडेंट हैं और आप अपना करियर बनाना चाहते हैं तो यह लेख आपके लिए है।

Collector Kaise Bane | कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर कैसे बने पूरी जानकारी
Collector Kaise Bane |कलेक्टर कैसे बने

भारत में किसी भी जगह पर कलेक्टर बनने के लिए सबसे पहले आपको ग्रेजुएशन पूरा करना होगा और उसके बाद कलेक्टर बनने से पहले आपको कई सारे परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। और कई भी नियम है जिसे आपको फॉलो करना होगा।

Collector कौन होता है?

Collector पूरे जिले का सबसे बड़ा प्रशासनिक अधिकारी होता है जिसे जिला अधिकारी या DM कहते है जिले में जितने भी विभाग होते हैं वे सभी विभाग कलेक्टर के अंदर आते हैं। जिले के हर काम का निर्णय कलेक्टर द्वारा लिया जाता है। जैसे की विभिन्न सरकारी योजनाओं को लागू करवाना, कर वसूली करना, भूमि मूल्यांकन करना, लोगों की समस्याओं का निवारण करना आदि।

Collector कैसे बने?

कलेक्टर कैसे बने? (Collector Kaise Bane) यह प्रश्न अधिकतर लोगो द्वारा पूछा जाता है तो कलेक्टर बनने के लिए किसी भी कॉलेज से किसी भी विषय जैसे आर्ट्स, कॉमर्स या साइंस से ग्रेजुएशन पास करना जरुरी होता है।

यदि आप 10 या 12 वीं के विद्यार्थी हो और कलेक्टर बनना चाहते हो तो आपको अभी से तैयारी में जुट जाना होगा। क्योंकि कलेक्टर बनना इतना आसान नहीं इसके लिए आपको रेगुलर पढ़ाई करनी होगी। यदि आप दसवीं और बारहवीं स्टैंडर्ड से ही इसकी तैयारी करते है। तो आपकी यह तैयारी आपके कलेक्टर बनाने में मददगार होगी।

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Collector बनाने के लिए योग्यता (Qualification)

  • उम्मीदवार का किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (graduation) पास होना आवश्यक होता है।
  • उम्मीदवार भारतीय नागरिक होना चाहिए।
  • उम्मीदवार किसी भी तरह के जानलेवा बीमारी से ग्रस्त नहीं होना चाहिए।
  • उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 21 वर्ष या इससे अधिक होनी चाहिए।

कलेक्टर बनाने के लिए उम्र सीमा (Age Limit)

  • सामान्य श्रेणी (General category) – 21 से 32 वर्ष
  • अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) – 21 से 32 वर्ष (3 वर्ष की छूट)
  • अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (SC & SC) – 21 से 32 वर्ष (5 वर्ष की छूट)
  • शारीरिक विकलांगता ( Physically Disable) – 21 से 42 वर्ष
  • ST/SC Physically Disable – 21 वर्ष से असीमित समय तक

जिला कलेक्टर बनने के लिए कौन से परीक्षा (exam) देने होते हैं?

अगर आप जिला कलेक्टर बनना चाहते हैं तो आपको यह बात जरूर ध्यान रखना चाहिए की जिला कलेक्टर बनने के लिए तीन स्टेज की परीक्षा पास करनी होती है।

  1. प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary Exam) – यह परीक्षा UPSC की प्रथम परीक्षा होती है जो काबिल उम्मीदवारों का चुनाव करता है। इसमें दो पेपर होती है पहला सामान्य ज्ञान और दूसरा Civil Services Aptitude Test . उम्मीदवार का चुनाव करने से पहले हम आपको दो – तीन बातें बता देते हैं। इस परीक्षा में सफल होने वाले लोगों को ही अगले एग्जाम के लिए चुना जाता है। यह परीक्षा जुलाई से अगस्त के मध्य में होती है। यह पहली परीक्षा होती है जो आवेदन करने के बाद देनी होती है।
  2. मुख्य परीक्षा (Main Exam) – यदि आप प्रारंभिक परीक्षा में सफल घोषित हो जाते हैं तब आपको यह परीक्षा देनी होती है। यह परीक्षा थोड़ी कठिन होती है इसमें सभी योग्य उम्मीदवार ही भाग ले सकते हैं। यह परीक्षा दिसंबर से लेकर जनवरी के बीच में आयोजित होती है।
  3. साक्षात्कार (Interview) – जब आप मुख्य परीक्षा क्लियर कर लेते हैं तो आपको इंटरव्यू के लिए चुना जाता है। यह जिला कलेक्टर बनने का अंतिम स्टेज होता है। जब उम्मीदवार प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा में सफल हो जाते हैं उसके बाद उम्मीदवार को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। इसमें अधिकारियों द्वारा उम्मीदवार को कुछ सवाल पूछे जाते हैं जिसका उम्मीदवार को जवाब देना होता है। इसी जवाब के आधार पर उसे नंबर दिए जाते हैं। जब उम्मीदवार इंटरव्यू पास कर लेता है तब उसको ट्रेनिंग के लिए बुलाया जाता है। इस तरह से जिला कलेक्टर बनने का सफर पूरा होता है।

Collector ka kya kaam hota hai?

  • कलेक्टर पुलिस अधीक्षक के साथ मुख्यतः संपूर्ण जिले के कानून व्यवस्था का प्रमुख प्रभारी होता है और साथ ही साथ जिले में होने वाले चुनाव का मुख्य प्रबंधक भी होता है।
  • कलेक्टर जनगणना आयोजन करने वाला, भू-राजस्व वसूली करने वाला, नागरिक खाद्य और रसद आपूर्ति व्यवस्थापक, ई गतिविधि नियंत्रक और लोगों की समस्याओं का निवारण भी करता है।
  • भूमि मूल्यांकन, भूमि अधिग्रहण, भूमि राजस्व का संग्रहण, भूमि रिकार्डों का रखरखाव, भूमि सुधार का काम भी करता है।
  • कृषि ऋण वितरण, बाढ़-सूखा और महामारी जैसी गंभीर समस्या का प्रबंधन भी करता है।

Video में देखे कलेक्टर कैसे बने?

Collector Kaise Bane Video

Collector की Salary कितनी होती है?

जिला कलेक्टर की सैलरी अलग-अलग स्थानों पर अलग अलग हो सकती है एक District Collector या जिला कलेक्टर की basic सैलरी लगभग 78,800 होती है जैसे – जैसे कार्यकाल बढ़ता है सैलरी भी बढाती है अधिकम salary 2,50,000 प्रति माह की हो सकती है और इसके अलावा अन्य भत्ते और सुविधाएं भी मिलती है। कलेक्टर की सैलरी अलग-अलग राज्यों और अलग-अलग जिलों में अलग-अलग हो सकती है।

डिप्टी कलेक्टर क्या होता है?

Deputy Collector को हिंदी में उप जिलाधिकारी कहते है। यह स्टेट एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस का officer होता है। जिसे शॉर्ट फॉर्म में DC या SDM भी कहा जाता है। इसका काम revenue collection के साथ-साथ एडमिनिस्ट्रेशन का भी होता है।

डिप्टी कलेक्टर पोस्ट की भर्ती के लिए सभी राज्यों के लोक सेवा आयोग (Public Service Commission) के द्वारा आदेश जारी किया जाता है।

Deputy Collector कैसे बने?

डिप्टी कलेक्टर बनने के लिए निम्न बातों का ध्यान रखना बहुत ही जरूरी है।

डिप्टी कलेक्टर बनने के लिए योग्यता (Qualification)

डिप्टी कलेक्टर बनने के लिए आपके पास किसी भी सब्जेक्ट से ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए।

उम्र सीमा (Age Limit)

डिप्टी कलेक्टर बनने के लिए आपकी उम्र कम से कम 21 साल तथा अधिकतम 40 साल होनी चाहिए। तथा अन्य सभी केटेगरी में मिलने वाले छूट को मिलाकर उम्मीदवार की आयु 45 से अधिक नहीं होनी चाहिए।

डिप्टी कलेक्टर बनने के लिए कौन- कौन से परीक्षा होते हैं?

डिप्टी कलेक्टर बनने के लिए PSC का exam देना होता है। जिसका, UPSC की तरह ही 3 stages होते हैं।

  1. Prelims
  2. Mains
  3. Interview

यदि आप इन तीनों stages को क्लियर कर लेते हैं तो आप डिप्टी कलेक्टर बनने के लिए तैयार हो जाते हैं। पद को ग्रहण करने से पहले कुछ ट्रेनिंग दी जाती है।

डिप्टी कलेक्टर की Salary कितनी होती है?

डिप्टी कलेक्टर की सैलरी 56,100 से लेकर 1,32,000 तक होती है। इसके अलावा इन्हें और कई प्रकार की सुविधाएं फ्री में दी जाती है।

Video Deputy Collector कैसे बने?

Deputy Collector ka kya kaam hota hai?

  • डिप्टी कलेक्टर, कलेक्टर के बाद जिला का सबसे बड़ा प्रशासनिक अधिकारी होता है।
  • कलेक्टर की अनुपस्थिति में सारा काम डिप्टी कलेक्टर कलेक्टर (SDM) और अतिरिक्त कलेक्टर (ADM) द्वारा संभाला जाता है।
  • Deupty Collector, कलेक्टर द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करता है।
  • डिप्टी कलेक्टर का काम कलेक्टर की तरह ही होता है।

कलेक्टर बनने के लिए क्या-क्या करनी चाहिए?

कलेक्टर बनने के लिए आपको कई सारे बातों का ध्यान देना होगा।

  • जनरल नॉलेज (GK) : आपको अपना जनरल नॉलेज स्ट्रांग करना होगा और आपको रोजाना न्यूज़ पेपर पढ़ने की Habit डाल लेनी चाहिए।
  • Current Affairs : डेली रूटीन में जो घटनाएं होती है और जब बड़ी बड़ी बातें होती है उनपर विशेष रूप से ध्यान देना होगा।
  • पुराने प्रश्न पत्रों को सॉल्व करे : पिछले साल के UPSC CSE के प्रश्नों को हल करें।
  • Self Study : पूरी तरह से अपने कोचिंग पर निर्भर ना रहे जितना ज्यादा से ज्यादा हो सके उतना Self Study करें।
  • Self Confidence : यदि आपके अंदर सेल्फ कॉन्फिडेंस की कमी है तो आप कभी भी कलेक्टर नहीं बन सकते हैं। आपके अंदर सेल्फ कॉन्फिडेंस होना बहुत ही जरूरी है।
  • स्वास्थ्य पर ध्यान दे : कलेक्टर बनने के लिए आपको शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से स्वस्थ होना बहुत ही जरूरी है। इसके लिए आप योगा और मेडिटेशन कर सकते है।

लोगों द्वारा “Collector Kaise Bane” इससे सम्बंधित पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

१२वीं के बाद कलेक्टर कैसे बने?

आपको कलेक्टर बनने के लिए 12वीं पास करने के बाद कोई भी विषय पर ग्रेजुएशन करना होगा। इसके पश्चात यूपीएससी या पीएससी की परीक्षाएं अच्छे नंबरों से उत्तीर्ण करनी होगी। और साथ ही साथ इंटरव्यू भी क्रैक करना होगा। अगर आप इंटरव्यू क्रैक कर लेते हैं तो आप कलेक्टर बनने के लिए तैयार हो जाते हो।

कलेक्टर बनने के लिए कितनी हाइट होनी चाहिए?

Collector या DM बनने के लिए आपकी हाइट कम से कम 5.6 फीट तक होनी चाहिए।

कलेक्टर बनने के लिए कितने पैसे लगते हैं?

कलेक्टर बनने के लिए पैसा उतना लगता है जितना आप लगाना चाहे। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि बहुत से कोचिंग संस्थान हैं जो बहुत ही कम पैसों में कोचिंग प्रदान कराते हैं और बहुत से कोचिंग संस्थान बहुत अधिक पैसों में कोचिंग प्रदान कराते हैं। कलेक्टर बनना आपके ऊपर डिपेंड करता है कि आप कितनी अच्छी तरह से पढ़ाई कर पाते हैं।

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निष्कर्ष (Conclusion)

आज हमने आप सभी को collector kaise bane इससे संबंधित लगभग बहुत सी जानकारी देने की कोशिश की है। आशा करते हैं आप सभी को यह लेख पसंद आया होगा।

इस लेख में हमने कलेक्टर कैसे बने इसके अलावा कलेक्टर की salary कितनी होती है?, कलेक्टर बनने के लिए क्या-क्या करना चाहिए? आदि जानकारियां दी है। अगर आपको यह लेख पसंद आया हो तो इसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जरूर शेयर करें। धन्यवाद

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