Global Warming Kya Hai – ग्लोबल वार्मिंग के कारण, प्रभाव और रोकने के उपाय

Global Warming Kya Hai : हैलो दोस्तों आप सभी को नमस्कार आज हम जानने वाले हैं ग्लोबल वार्मिंग के बारे में। आप में से कुछ लोग इसके बारे में जानते होंगे और कुछ लोग इसके बारे में नहीं जानते होंगे।

इस लेख के माध्यम से आज हम जानेंगे कि आखिर ग्लोबल वार्मिंग क्या होता है?, ग्लोबल वार्मिंग का कारण क्या है? और इसका समाधान क्या है?

CONTENTS SHOW

Global Warming Kya Hai? इसके प्रभाव क्या है?

सागर और उसी महासागर के बर्फ के पहाड़, धरती का पूरा पर्यावरण और धरती की सतह का नियमित रूप से गर्म होने की प्रक्रिया को ग्लोबल वार्मिंग कहते हैं।

पिछले कुछ वर्ष में वैश्विक तौर पर वातावरणीय तापमान में बहुत ही ज्यादा वृद्धि हुई है पर्यावरण सुरक्षा एजेंसी के अनुसार पिछली शताब्दी में 0.8 डिग्री सेल्सियस के लगभग धरती के तापमान में वृद्धि हुई है।

ग्लोबल वार्मिंग की परिभाषा

“पृथ्वी के तापमान में जो वृद्धि होती है उसे हम ग्लोबल वार्मिंग कहते हैं।”

पृथ्वी का सामान्य तापमान 40 डिग्री सेल्सियस माना गया है यदि तापमान में 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक वृद्धि होती है तो उसे ग्लोबल वार्मिंग कहा जाता है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

वर्तमान स्थिति में गर्मी के दिनों में पृथ्वी का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक भी चला जाता है तो वह ग्लोबल वार्मिंग के कारण होता है। ग्लोबल वार्मिंग को सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाला गैस ग्रीनहाउस गैस को माना जाता है।

ग्लोबल वार्मिंग का कारण क्या है?

ग्लोबल वार्मिंग के विभिन्न तरह के कारण हैं इनमें से प्रमुख कारण निम्न है।

ग्रीन हाउस प्रभाव

यह प्रभाव प्राकृतिक प्रक्रिया से या इंसानों द्वारा उत्पन्न किया जाता है। यह ग्रीन हाउस गैसों के कारण होता है। ग्रीन हाउस गैस कार्बन डाई ऑक्साइड और मिथेन गैस का मिश्रण होता है।

ग्रीन हाउस प्रभाव के कारण बड़े बड़े बर्फ के पहाड़ पिघल जाते है। और वातावरण में काफी परिवर्तन देखने को मिलता है।

औद्योगीकरण

नगरीकरण और औद्योगीकरण के कारण लगातार पेड़ पौधों की कटाई होती जा रही है जिसके कारण कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण पेड़ पौधों की कमी होने के कारण नहीं हो पा रहा है तो वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड घूमती रहती है जिसके कारण इस तरह का ग्लोबल वार्मिंग देखने को मिलता है।

जनसंख्या वृद्धि

लगातार जनसंख्या वृद्धि के चलते विभिन्न तरह के वस्तुओं का दोहन बढ़ता जा रहा है। मनुष्य अपने दैनिक जीवन की पूर्ति के लिए पेड़ों को काट रहा है जिससे कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा लगातार वातावरण में बढ़ती जा रही है। यही ग्लोबल वार्मिंग का महत्वपूर्ण कारक है।

जीवाश्म ईंधन का जलना

जनसंख्या बढ़ने के फल स्वरुप जीवाश्म ईंधन का ज्यादा से ज्यादा उपयोग किया जा रहा है। जी से जीवाश्म ईंधन से निकलने वाले कार्बन के धुएं वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड को बढ़ा रहे हैं। इससे ग्लोबल वार्मिंग जैसी स्थिति उत्पन्न हो रही है।

वनों की अंधाधुंध कटाई

मानव अपने आवश्यकताओं की पूर्ति के वनों की अंधाधुंध कटाई करते जा रहा है। वनों की कमी होने के कारण वातावरण में उपस्थित कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण नहीं हो पा रहा है।

वाहनों से निकलने वाले धुएं

वाहनों से निकलने वाले धुएं भी कार्बन डाइऑक्साइड की उत्पत्ति के प्रमुख स्रोत है। जिसके कारण ग्लोबल वार्मिंग जैसे समस्याएं उत्पन्न हो रही है।

ग्रीन हाउस गैस के प्रमुख उत्पादक देश कौन कौन से हैं?

ग्रीन हाउस गैस के प्रमुख उत्पादक देश निम्नलिखित है :

चीन – 30% कार्बन का उत्पादन करता है। (विश्व में प्रथम स्थान)

USA – 15% (व्यक्ति की दर से)

India – 7%

ग्लोबल वार्मिंग से होने वाले प्रभाव या नुकसान

  • ग्लोबल वार्मिंग के कारण औसत तापमान में तेजी से वृद्धि होती है। जिससे विभिन्न तरह के रोग उत्पन्न होते हैं।
  • ग्लोबल वार्मिंग के कारण कई बार जलवायु में परिवर्तन होता है जिसके चलते वर्षा नहीं हो पाती और सूखे की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। जिसके कारण फसलों का उत्पादन नहीं हो पाता है।
  • ग्लोबल वार्मिंग के कारण ठंडे इलाकों में पर्वतों पर जमे हुए बर्फ पिघलना शुरू हो जाते हैं जिसके कारण समुद्र के जल में बहुत ज्यादा वृद्धि हो जाती है। जिसके कारण विभिन्न स्थानों पर बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती है।
  • फसलों का उत्पादन नहीं हो पाने के कारण भुखमरी जैसी समस्या उत्पन्न होती है।
  • ग्लोबल वार्मिंग का प्रभाव प्रजातियों पर भी पड़ता है एक प्रकाशित शोध के अनुसार 2050 तक बढ़ते तापमान के चलते 10 लाख से अधिक प्रजातियां विलुप्त हो सकती है।

ग्लोबल वार्मिंग को रोकने के उपाय क्या-क्या है?

ग्लोबल वार्मिंग को रोकने के निम्न लिखित उपाय है :

ज्यादा से ज्यादा वृक्षारोपण

ग्लोबल वार्मिंग को रोकने के लिए वृक्षारोपण ज्यादा से ज्यादा करनी चाहिए। पौधे हानिकारक कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करते हैं और वातावरण को साफ करते हैं।

वाहनों के धुएं में कमी

हमारे यातायात के साधनों का धुआं लगातार वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड को बढ़ा रहा है। यदि हम साइकिल इलेक्ट्रिक वाहन और सार्वजनिक वाहनों का ज्यादा उपयोग करें तो कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा जरूर कम होगी।

गैर पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों का उपयोग

पारंपरिक ऊर्जा स्रोत जैसे कि कोयला डीजल पेट्रोल की स्थान पर अगर हम गैर परंपरागत ऊर्जा स्रोत जैसे कि सौर ऊर्जा पवन ऊर्जा का उपयोग करें तो यह भी वातावरण को साफ रखने में मदद करता है।

जैविक खेती

खेतों में अधिक कीटनाशक और उर्वरकों के स्थान पर यदि जैविक खेती को अपनाया जाए तो यह भी ग्लोबल वार्मिंग को कम करने में बहुत ही मददकारी है।

CFC मुक्त करने वाले मशीनों का कम से कम उपयोग

फ्रिज, एयर कंडीशनर और ऐसी कॉलिंग मशीनों का इस्तेमाल कम से कम करना होगा ताकि इन से निकलने वाली सीएफसी गैसों में कमी की जा सके। एच सी गैस से वातावरण में बहुत ही हानिकारक प्रभाव डालता है।

कारखानों से निकलने वाले धुएं पर रोक

कारखानों से निकलने वाले धुएं को सीमित करने के उपायों को बढ़ाना होगा। ताकि कम से कम कार्बन डाइऑक्साइड गैस से वातावरण में फैले।

नवीनीकरण ऊर्जा के स्रोत को बढ़ावा

नवीनीकरण ऊर्जा स्रोतों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। जैसे कि सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, बायोडीजल, बायोमास (कचरे से बना हुआ), बायोगैस (गोबर से बना हुआ)।

जागरूकता

पर्यावरण के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना चाहिए। ताकि लोग ज्यादा से ज्यादा वृक्ष लगाएं और प्रदूषण को कम करें।

Global Warming Kya Hai [Video]

Global Warming Kya Hai

लोगों द्वारा Global Warming से सम्बंधित पूछे जाने वाले प्रश्न उत्तर {FAQs}

ग्लोबल वार्मिंग के लाभ क्या है?

ग्लोबल वार्मिंग के कोई लाभ नहीं है क्योंकि यह हमारे वातावरण पर बुरा प्रभाव डालता है। और विभिन्न तरह की परेशानियां उत्पन्न करता है।

ग्लोबल वार्मिंग के लिए कौन जिम्मेदार है?

ग्लोबल वार्मिंग के लिए प्रकृति और मानव दोनों जिम्मेदार है। क्योंकि ग्लोबल वार्मिंग दोनों के कारण उत्पन्न होता है।

क्या हम ग्लोबल वार्मिंग को रोक सकते हैं?

जी हम ज्यादा से ज्यादा वृक्षारोपण तथा प्रदूषण कम करके ग्लोबल वार्मिंग को रोक सकते हैं।

ग्लोबल वार्मिंग में कौन सी गैस की महत्वपूर्ण भूमिका होती है?

ग्लोबल वार्मिंग के लिए कार्बन डाई ऑक्साइड क्लोरोफ्लोरोकार्बन, सल्फर डाइऑक्साइड और अन्य हानिकारक गैस ग्लोबल वार्मिंग का कारण है।

अंतिम शब्द

ग्लोबल वार्मिंग ऐसी समस्या है जिससे आम लोगों को जागरूक करके ही लड़ा जा सकता है। हमें अपनी धरती को पूरी तरह से हरित बनाना होगा। अधिक से अधिक वृक्षारोपण और कम से कम प्रदूषण करना होगा। क्योंकि धरती केवल हमारी ही नहीं है इसमें आने वाली पीढ़ी का भी अधिकार है।

आशा करते हैं दोस्तों आप सभी को आज का हमारा यह लेख पसंद आया होगा। आज हमने आपको Global Warming Kya Hai?, ग्लोबल वार्मिंग के कारण, प्रभाव और रोकने के उपाय के बारे में जानकारी देने का प्रयास किया है। अगर आपको या आर्टिकल पसंद आया हो तो इसे अपने दोस्तों और परिवार वालों के साथ जरूर शेयर करें। ताकि वह भी ग्लोबल वार्मिंग से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सके।

Global Warming Kya Hai – ग्लोबल वार्मिंग के कारण, प्रभाव और रोकने के उपाय

Leave a Comment

Share via
Copy link
Powered by Social Snap