MPIN Kya Hota Hai? एमपिन कैसे पता करें? सम्पूर्ण जानकारी

MPIN Kya Hota Hai : अगर आप मोबाइल बैंकिंग एप्लीकेशन का इस्तेमाल करते हैं तो अवश्य ही आपको एमपिन के बारे में पता होगा और आप इस बात से भी भलीभांति परिचित होंगे कि आखिर एमपिन क्या होता है और यह क्यों आवश्यक होता है।

परंतु जो लोग पहली बार मोबाइल बैंकिंग एप्लीकेशन का इस्तेमाल कर रहे हैं उन्हें यह पता नहीं होता है कि एमपिन क्या होता है। ऐसे लोगों के लिए स्पेशल तौर पर हमने यह आर्टिकल लिखा हुआ है, क्योंकि इस आर्टिकल में आज हम जानेंगे कि “MPIN Kya Hota Hai” और “एमपिन कैसे बनाएं?”

एमपिन क्या होता है? (MPIN Kya Hota Hai)

बैंक के द्वारा प्रदान किया जाने वाला एमपिन एक प्रकार का सिक्योरिटी कोड होता है, जो किसी किसी बैंक में 4 अंकों का तो किसी किसी प्राइवेट बैंकों में 6 अंकों का होता है। एमपिन उपलब्ध होने पर बैंक अकाउंट होल्डर पैसे का ट्रांजैक्शन अपने मोबाइल के द्वारा सरलता से घर बैठे कर सकता है।

हालांकि यह सुविधा कस्टमर को ऑटोमेटिक ही नहीं मिलती है बल्कि कस्टमर को अपनी बैंक से इस सुविधा को पाने के लिए उसे अपने बैंक अकाउंट को मोबाइल बैंकिंग से कनेक्ट करना होता है। इसके लिए अकाउंट होल्डर को बैंक की आधिकारिक एप्लीकेशन से एमपिन जनरेट करना होता है या फिर यूएसएसडी कोड डायल करके इसे बनाना होता है।

बैंक के अलावा किसी किसी एप्लीकेशन में या फिर ईपीएफओ में भी एमपिन प्राप्त होता है। ऑनलाइन ट्रांजैक्शन को एमपिन के द्वारा ऑथराइज किया जाता है और इसे दर्ज करने के तुरंत पश्चात ही पैसे का ट्रांसफर आसानी से हो जाता है। काफी लोग एमपिन को ही ट्रांजैक्शन पिन समझ लेते है, जबकि ऐसा नहीं है। एमपिन अलग होता है और ट्रांजैक्शन पिन अलग होता है। एमपिन एटीएम के पिन के जैसा नहीं होता है। एग्जांपल के तौर पर एक एमपिन 426172 या 253617 हो सकता है।

TopicMPIN
MPIN का उपयोगमोबाइल बैंकिंग में
MPIN की जरुरत मोबाइल बैंकिंग को सिक्योर बनाना
MPIN Generation Online Process
MPIN Full FormMobile Banking Personal Identification Number
लाभ प्राप्त करने वालेदेश के नागरिक
MPIN Kya Hota Hai?

एमपिन का फुल फॉर्म (MPIN Ka Full Form in Hindi)

MPIN: Mobile Banking Personal Identification Number

एमपिन को हिंदी में मोबाइल बैंकिंग व्यक्तिगत पहचान संख्या कहते हैं। बैंकिंग के द्वारा ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करने के लिए कस्टमर को मोबाइल बैंकिंग पर्सनल आइडेंटिफिकेशन नंबर की आवश्यकता होती है, जिसे शार्ट में एमपिन कहा जाता है। ऐसे काम जो बैंकिंग से संबंधित है, उन्हें ऑनलाइन अंजाम देने के लिए इसका यूज होता है।

एमपिन कैसे बनाएं? (MPIN Kaise Banaye)

एमपिन बनाने की दो प्रक्रिया होती है, जिसके अंतर्गत पहली प्रक्रिया में व्यक्ति चाहे तो मोबाइल बैंकिंग पंजीकृत करवाकर अपने बैंक से एमपिन हासिल कर सकता है।

और दूसरी प्रक्रिया में व्यक्ति चाहे तो घर बैठे ही यूपीआई एप्लीकेशन अथवा यूएसएसडी कोड के द्वारा भी इसे हासिल कर सकता है। आपकी सुविधा के लिए हमारे द्वारा यहां पर घर बैठे किस प्रकार से एमपिन जनरेट किया जा सकता है, के बारे में जानकारी दी जा रही है।

MPIN Kya Hota Hai? एमपिन कैसे पता करें? सम्पूर्ण जानकारी

USSD कोड से Mpin बनाने का तरीका

  1. सर्वप्रथम आपको अपना मोबाइल अपने हाथों में लेना है और उसके बाद डायल पैड के द्वारा

*99# नंबर डालकर के कॉल बटन पर क्लिक करना है।

  1. अब आपको यूएसएसडी सर्विस से अपने बैंक अकाउंट को लिंक कर देना है।
  1. इसके लिए आपको अपने बैंक के तीन अक्षर वाले नाम को अथवा आईएफएससी के शुरुआती 4 अक्षर को लिखकर सेंड कर देना है।
  1. अब आपकी स्क्रीन पर जो Menu आता है, उसमें आपको 7 नंबर टाइप करके सेंड कर देना है।
  1. अब आपको एमपिन बनाने के लिए 1 टाइप करके सेंड करना है।
  1. अब सबसे आखरी में जो इंस्ट्रक्शन आपको दिए गए हैं, उसे आपको पढ़ना है और उसके बाद अपनी सुविधा के अनुसार आपको एमपिन को टाइप करके उसे सबमिट कर देना है।
  1. इस प्रकार से उपरोक्त प्रक्रिया का पालन करके आप यूएसएसडी कोड के द्वारा घर बैठे एमपिन जनरेट किया जा सकता है।

UPI App से Mpin बनाने का तरीका

  • आपको गूगल प्ले स्टोर से सबसे पहले अपने मोबाइल में किसी भी यूपीआई एप्लीकेशन को डाउनलोड कर लेना है, जैसे कि गूगल पे, फोन पे भीम इत्यादि और उसमें आपको अपने बैंक अकाउंट से लिंक फोन नंबर को डाल करके पंजीकरण कर लेना है।
  • अब आप जिस बैंक के कस्टमर है उस बैंक को सर्च कीजिए और उसे अपने यूपीआई एप्लीकेशन से लिंक कर लीजिए।
  • अब आपको सेट एमपिन वाला ऑप्शन दिखाई देगा, इसी ऑप्शन पर क्लिक करें।
  • अब आप जो एमपिन रखना चाहते हैं उसे रखें और दो बार उसे कंफर्म कर दें।
  • इस प्रकार से उपरोक्त प्रोसेस को फॉलो करके यूपीआई एप्लीकेशन से एमपिन बनाया जा सकता है।

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Mpin कैसे पता करें? (MPIN Kaise Pata Kare)

जब आप अपना एम पिन जनरेट करते हैं तो आपका एमपिन किसी किसी बैंक के द्वारा आपके एसएमएस बॉक्स में भेज दिया जाता है। इसके अलावा अपना एमपिन पता करने के लिए आपको संबंधित बैंकिंग एप्लीकेशन या प्लेटफार्म पर जाना है, वहां पर आपको फॉरगेट एमपिन वाला ऑप्शन दिखाई देता है। इसी पर क्लिक करना होता है।

 इसके बाद आपको अपने मोबाइल नंबर का वेरिफिकेशन करवाना होता है। ऐसा करने से आपको नया एम पिन जनरेट करने का ऑप्शन दिया जाता है, उसे करके आप अपना एमपिन बना सकते हैं और पता कर सकते हैं।

Mpin भूल गए तो क्या करें?

एमपिन भूल जाने पर आपको किसी भी प्रकार की चिंता करने की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं है। आप सरलता से जब चाहे तब एक नया एमपिन बना सकते हैं। इसके लिए आप नेट बैंकिंग अथवा यूएसएसडी बैंकिंग या फिर यूपीआई एप्लीकेशन का इस्तेमाल कर सकते हैं।

बता दें कि नेट बैंकिंग के द्वारा एमपिन बनाने की प्रक्रिया सभी बैंक में अलग-अलग हो सकती है, परंतु यूपीआई एप्लीकेशन और यूएसएसडी बैंकिंग की प्रोसेस एक जैसी ही होती है। इससे संबंधित कई ट्यूटोरियल वीडियो आपको यूट्यूब पर मिल जाएंगे, जिसे देखकर आप सरलता से एमपिन फिर से रिकवर कर सकते हैं या फिर नया बना सकते हैं।

Mpin के लाभ क्या है?

  • यह एक बहुत ही गुप्त कोड होता है और इसी के द्वारा किसी भी व्यक्ति के बैंकिंग ट्रांजैक्शन को सुरक्षित बनाया जाता है।
  • यह 4 अंकों का भी होता है या फिर 6 अंकों का होता है।
  • इसे आप सरलता से घर बैठे अपने मोबाइल के द्वारा यूएसएसडी कोड डायल करके या फिर यूपीआई एप्लीकेशन इंस्टॉल करके बना सकते हैं।
  • अगर कभी आपका मोबाइल खो जाता है तो भी आपके अकाउंट से कोई भी व्यक्ति फर्जी ट्रांजैक्शन नहीं कर सकेगा क्योंकि उसे भी आपके बैंक अकाउंट का एमपिन दर्ज करने की आवश्यकता होगी, जो उसे पता ही नहीं होगा।
  • कस्टमर चाहे तो अपने बैंक के द्वारा भी अपने मोबाइल के जरिए इसे हासिल कर सकता है।
  • कस्टमर के बैंक अकाउंट से तब तक पैसे का आदान प्रदान संभव नहीं हो पाता, जब तक उसके द्वारा एमपिन ना इंटर किया जाए।

Mpin के नुकसान क्या है?

अगर आपके द्वारा अपना बैंकिंग एमपिन किसी और व्यक्ति को बता दिया जाता है या फिर उसे किसी भी प्रकार से आपके बैंकिंग कंपनी के बारे में पता चल जाता है तो वह आपके बैंक अकाउंट से पैसे का ट्रांसफर कर सकता है। यही एमपिन का जोखिम है। इसके अलावा नए लोगों के लिए एमपिन जनरेट करना थोड़ी सी टेढ़ी प्रक्रिया हो सकती है।

एमपिन और एटीएम पिन में क्या अंतर है?

सामान्य तौर पर एटीएम पिन बैंक के द्वारा दिया जाता है जो कि 4 अंकों का होता है। इसका इस्तेमाल डेबिट कार्ड का ऑथेंटिकेशन करने के लिए होता है ताकि आप या फिर कस्टमर एटीएम सेंटर मशीन में से नगद पैसा निकाल सके, वही एमपिन एक पासकोड होता है।

इसका इस्तेमाल आप आइएमपीएस और नेफ्ट पेमेंट जैसे मोबाइल बैंकिंग पेमेंट और नेशनल इंटीग्रेटेड यूएसएसडी प्लेटफॉर्म पर पेमेंट को सर्टिफाइड करने के लिए कर सकते हैं।

मोबाइल बैंकिंग में Mpin की आवश्यकता क्या है?

मोबाइल बैंकिंग में एमपिन का इस्तेमाल पैसे का आदान प्रदान करने के लिए किया जाता है और इसी पैसे के ट्रांजैक्शन को सुरक्षित बनाने के लिए गवर्नमेंट के द्वारा मोबाइल बैंकिंग को टू स्टेप ऑथेंटिकेशन बना दिया गया है।

अर्थात इसका मतलब यह होता है कि जिस व्यक्ति के द्वारा मोबाइल बैंकिंग का इस्तेमाल किया जा रहा है उसे मोबाइल बैंकिंग का इस्तेमाल करने के लिए टू स्टेप ऑथेंटिकेशन के जरिए पैसे का ट्रांसफर करना होगा।

अर्थात जिस प्रकार से हम अपने एटीएम कार्ड और एटीएम पिन के द्वारा अपने बैंक अकाउंट से पैसे निकालने में सफल होते हैं, उसी प्रकार से ऑनलाइन बैंकिंग ट्रांजैक्शन को अंजाम देने के लिए सबसे पहले व्यक्ति के बैंक अकाउंट से लिंक फोन नंबर का ऑथेंटिकेशन किया जाता है। इसके पश्चात ही व्यक्ति एमपिन की सहायता से सुरक्षित तौर पर बैंकिंग से संबंधित ट्रांजैक्शन कर पाता है।

Mpin का उपयोग किस तरह के ट्रांजैक्शन के लिए किया जाता है?

  • मोबाइल बैंकिंग
  • UPI एप्प
  • आईवीआर
  • SMS बैंकिंग
  • IMPS
  • USSD बैंकिंग

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यूएसएसडी के द्वारा Mpin जारी करने की पूरी प्रक्रिया

Unstructured Supplementary Service Data (USSD) बगैर डाटा कनेक्शन अथवा स्मार्टफोन कनेक्शन के *99# कोड के जरिए मोबाइल बैंकिंग का यूज करने की परमिशन देता है। अनस्ट्रक्चर्ड सप्लीमेंट्री सर्विस डाटा एक प्रकार का टेक्निकल प्लेटफॉर्म होता है जिसके द्वारा एक बेसिक फोन पर जीएसएम नेटवर्क के जरिए इंफॉर्मेशन प्रसारित की जाती है।

यह सर्विस सभी मोबाइल पर एसएमएस सुविधा के तौर पर अवेलेबल होती है। व्यक्ति यूएसएसडी मोबाइल बैंकिंग का इस्तेमाल करने के लिए अपने मोबाइल *99# से डायल कर सकता है।

और उसके पश्चात इंटरएक्टिव मैनु का इस्तेमाल कर सकता है। यूएसएसडी MMID, Aadhaar, Account number, Balance Enquiry, Mini statement, OPT generation, Generation and change of MPIN जैसी फाइनेंसियल और non-financial सर्विस ऑफर करता है।

“MPIN Kya Hota Hai” से सम्बंधित प्रश्न उत्तर {FAQs}

एमपिन उपयोग क्यों किया जाता है?

एमपिन उपयोग सुरक्षित बैंकिंग ट्रांजैक्शन के लिए किया जाता है।

क्या एमपिन को बदला जा सकता है?

जी हां, एमपिन को बदला जा सकता है?

4 अंकों का एमपिन क्या है?

इसे 4 Digit mpin कहते हैं।

मुझे अपने एमपिन कहां मिलेगा?

आप यूएसएसडी या फिर मोबाइल एप्लीकेशन से एमपिन प्राप्त कर सकते हैं।

क्या एमपिन का उपयोग करने से रिस्क होता है?

एमपिन का उपयोग करने से रिस्क नहीं होता है।

एमपिन का पूरा नाम क्या है?

एमपिन का पूरा नाम Mobile Banking Personal Identification Number है।

एमपिन कैसे प्राप्त करें?

आर्टिकल में एमपिन प्राप्त करने का तरीका बताया गया है।

अंतिम शब्द (Final Word)

तो उम्मीद करते हैं दोस्तों आप सभी को आज का यह लेख पसंद आया होगा। आज के इस लेख में हमने “MPIN Kya Hota Hai” और एमपिन कैसे पता करें? के बारे में संपूर्ण जानकारी देने की कोशिश की है।

अगर आपके मन में इससे संबंधित कोई भी प्रश्न हो तो हमें कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं हम जल्द ही आपके प्रश्नों का उत्तर देने का प्रयास करेंगे ऐसे ही और महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करते रहने के लिए हमारे ब्लॉग को जरूर सब्सक्राइब करें और इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करना ना भूलें धन्यवाद।

MPIN Kya Hota Hai? एमपिन कैसे पता करें? सम्पूर्ण जानकारी

I am Tamesh Sonkar, Founder of desifunnel.com website. I am 21 years old now & final year student of B Pharma. I have a passion for reading as well as writing. I try to learn and teach something new every day.

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