संचार किसे कहते है? संचार के प्रकार [Sanchar Kise Kahate Hai]

Sanchar Kise Kahate Hai: नमस्कार आप सभी का हमारे आज के इस लेख में स्वागत है आज हम जानने वाले हैं संचार किसे कहते है संचार कितने प्रकार के होते हैं? संचार की परिभाषा, अर्थ, तत्व, महत्त्व, माध्यम, उद्देश्य, संचार के उपकरण और इसके कार्य क्या – क्या है? तो चलिए जान लेते हैं।

संचार किसे कहते है?

संचार किसे कहते है : संचार एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें दो व्यक्ति के बीच मौखिक, गैर मौखिक और दृश्य संदेश के जरिए विचारों का व जानकारियों का आदान-प्रदान होता है, उसे संचार कहते है।

मौखिक – बोलकर ( साधन – रेडियो, टेप रिकॉर्डर)

गैर मौखिक – हाव-भाव, इशारों से

दृश्य संदेश – न्यूज़पेपर, किताबें, टेलीविजन

संचार शब्द का अर्थ क्या होता है?

संचार या Communication शब्द की उत्पत्ति लैटिन भाषा के शब्द ‘COMMUNIS’ से हुई है जिसका अर्थ है COMMON।

संचार (Communication) को संप्रेषण भी कहते हैं संचार का अर्थ सूचनाओं का आदान – प्रदान होता है।

संचार की परिभाषा

रॉबर्ट एंडरसन के अनुसार –

“बोलकर, इशारा करके या संकेतों के द्वारा अपने विचारों और अनुभवों को व्यक्त करना संचार कहलाता है।”

पीटर लीटर के अनुसार –

“संचार एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके माध्यम से सूचना व्यक्तियों या संगठनों के बीच संप्रेषित की जाती है।”

बैरालो के अनुसार –

“संदेशों और विचारों के विनिमय या आदान-प्रदान को संचार कहते हैं।”

उपर्युक्त परिभाषाओं से स्पष्ट है कि संचार एक ऐसी प्रक्रिया जिसमें दो या दो से अधिक व्यक्तियों के बीच विचारों का, अनुभवों का तथा जानकारियों का आदान-प्रदान होता है।

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संचार के तत्व (Elements Of Communication)

  • सम्प्रेषक(Sender)
  • संदेश(Message)
  • सम्प्रेष्य(Reciever)

सम्प्रेषक(Sender) : वह व्यक्ति होता है जो संदेश देता है ।

संदेश(Message) : सूचना जो दिया जाता है।

सम्प्रेष्य(Receiver) : सूचना को ग्रहण करने वाला।

संचार का चक्र (Cycle Of Communication)

संचार का चक्र में सम्प्रेषक(Sender), संदेश(Message), सम्प्रेष्य(Receiver), प्रतिक्रिया (Feedback) होते है।

संचार का चक्र, संचार किसे कहते है?
संचार का चक्र

संचार के प्रकार (Types Of Communication)

  1. सांकेतिक संचार
  2. मौखिक संचार
  3. अमौखिक संचार
  4. अंतः वैयाक्तिक संचार
  5. अंतर वैयाक्तिक संचार
  6. समूह संचार
  7. जन संचार

सांकेतिक संचार

ऐसा संचार जिसमें हम अपनी बात इशारों या संकेतों के द्वारा व्यक्त करते हैं उसे सांकेतिक संचार कहते हैं।

मौखिक संचार

मौखिक का अर्थ होता है बोलकर। अर्थात जब हम अपनी बात को बोलकर व्यक्त करते हैं तो उसे मौखिक संचार कहते हैं।

अमौखिक संचार

अमौखिक का अर्थ होता है बिना बोले। अर्थात जब हम अपनी बात को बिना बोले सामने वाले के पास व्यक्त करते हैं उसे अमौखिक संचार कहते हैं।

अंतः वैयाक्तिक संचार

अंदर ही अंदर या मन में होने वाले संचार को अंतः वैयाक्तिक संचार कहते हैं। इसमें सम्प्रेषक और सम्प्रेष्य दोनों एक ही होते हैं।

उदाहरण – जैसे पूजा,ध्यान या इबादत।

अंतर वैयाक्तिक संचार

जब दो या दो से अधिक व्यक्ति आपस में प्रत्यक्ष रूप से अर्थात आमने-सामने बातें करते हैं तो उसे अंतर वैयाक्तिक संचार कहते हैं ।

उदाहरण – जैसे परिवार के साथ आमने-सामने बैठकर बातें करना।

समूह संचार

वह संचार जिसमें एक ग्रुप या समूह आपस में मिलकर चर्चा या अपनी जानकारियों का आदान – प्रदान करते है समूह संचार का इस्तेमाल समाज और देश के सामने उपस्थित समस्याओं को बातचीत के द्वारा हल करने के लिए किया जाता है।

उदाहरण – जैसे संसद में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा, गांव में ग्राम पंचायत या किसी समिति का बैठक।

जन संचार

जब जनता के समूह के साथ सीधे संवाद न करके किसी तकनीकी या यांत्रिक माध्यम के द्वारा संवाद किया जाता है, तो उसे जन संचार कहते हैं। भारत में जन संचार का इतिहास पौराणिक काल से प्रारंभ हुआ है।

संचार का माध्यम

संचार के माध्यम निम्नलिखित है –

  • फोन
  • इंटरनेट
  • फैक्स
  • समाचार पत्र
  • रेडियो
  • सिनेमा आदि।

संचार के उपकरण क्या – क्या है?

संचार के उपकरण निम्नलिखित है –

संचार के उपकरण का नाम हिंदी में संचार के उपकरण का नाम इंग्लिश में संचार के उपकरण के कार्य
दूरदर्शन Televisionसमाचार, फिल्म प्रसारण
मोबाइल Mobileमैसेज, बात करने में
सैटेलाइट Satelliteसूचना प्रसारण
स्मार्टफोन Smart Phoneसूचना का आदान-प्रदान, मनोरंजन
आकाशवाणी Radioसमाचार, संगीत प्रसारण
कैमरा Cameraवीडियो, फोटोशूट में
लैपटॉप Laptopमीडिया कार्य, बिजनेस, मनोरंजन
टेबलेट Tabletमनोरंजन, बिजनेस
संगणक Computerमीडिया कार्य, बिजनेस, मनोरंजन
टेलीफोन Telephoneबात करने में
संचार के उपकरण

संचार के प्रमुख क्या – क्या कार्य है?

संचार के निम्नलिखित प्रमुख कार्य है –

(1) संचार सूचना देने व सूचना लेने का कार्य करता है ।

(2) यह मानवीय भावनाओं को विशेष रूप से अभिव्यक्त करता है।

(3) यह किसी के व्यवहार को मर्यादित करता है।

(4) संचार प्रतिक्रिया व्यक्त करता है।

(5) इसमें निष्कर्ष अपने आप परिणाम निकलकर आता है।

संचार का उद्देश्य क्या है?

(1) सामाजिक एवं राष्ट्रीय एकता।

(2) नियंत्रण

(3) समूह के संचालन में सहायक।

(4) संचार हमें ज्ञान विशेषज्ञता और कौशल प्रदान करता है।

(5) शिक्षा और कक्षा अनुदेशन के लिए।

(6) प्रेरणा एवं मानव बल।

(7) सूचना स्वयं को आहत करने और निर्णय लेने के लिए सहायक है।

संचार का महत्व क्या है?

(1) मनुष्य जब तक जीवित रहता है संचार करता रहता है।

(2) संचार ही परिवार और समाज को जोड़ने का कार्य करता है।

(3) संचार के द्वारा ही संगठन का निर्माण होता है।

(4) संगठन का अस्तित्व पूरी तरह से संचार पर निर्भर होता है।

(5) संस्कृति समाज व मानसिक विकास के लिए संचार की आवश्यकता होती है।

(6) मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है बिना बातचीत के नहीं रह सकता।

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अंतिम शब्द संचार पर

आज हमने जाना है संचार किसे कहते हैं ? इसके प्रकार, महत्त्व, उद्देश्य, उपकरण, कार्य, तत्व, परिभाषा क्या है?

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संचार किसे कहते है? संचार कितने प्रकार के होते हैं?

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4 thoughts on “संचार किसे कहते है? संचार के प्रकार [Sanchar Kise Kahate Hai]”

    • प्रतिक्रिया के लिए धन्यवाद निशा जी ऐसे ही हमारे वेबसाइट में रोजाना विजिट करते रहे।

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